Jhan Bhulo Maa Baap La (2003) Plot:
“झन भूलो माँ-बाप ला” एक भावनात्मक छत्तीसगढ़ी फिल्म है, जिसकी कहानी उन माता-पिता के इर्द-गिर्द घूमती है जो अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए जीवनभर त्याग करते हैं, लेकिन जब वही बच्चे बड़े होकर आधुनिक सोच, स्वार्थ और बाहरी प्रभावों में पड़ जाते हैं तो अपने माँ-बाप को बोझ समझने लगते हैं। समय के साथ माता-पिता को उपेक्षा, अपमान और अकेलेपन का सामना करना पड़ता है, जिससे परिवार में भावनात्मक टकराव पैदा होता है। फिल्म संवेदनशील घटनाओं के माध्यम से यह सशक्त संदेश देती है कि माँ-बाप का सम्मान, प्रेम और सेवा करना ही सच्चा संस्कार और सबसे बड़ा धर्म है, और उन्हें भूल जाना जीवन की सबसे बड़ी भूल है।